bhagtahi@gmail.com

९८०३९२५३५८

वंशावली कछेरिया नाम: सुखैर धामी दोवार - १


आदरनिय भगताही बन्सावलि सबके गोर लागै चियै । आपन सबके घर में कोनाके येले बुढा पुछला के बाबजुद पहिले आपन दियादी मे बुहत गाय पाले खेले चरावा के लेल बहत मुसकिल है छेले बुढापखा कहै के अनुसार कमला खोज में गोठ वायल के तब गाय घर से राजाके सब रेहके गाय चराके रहे छेलिये ३ महिना तक बरसात गोठ मे रहै छेलिडै जब सुखा गोठ से चैल आवे छोलियो सुतल राहत के सपना देवता के रूप में सपना देखलकै हम जतेक गोरे सुतल छोलिये सबके जगलि ये, जगालाब बाद बहुत अजगत सपना देखल्यै आदेबता रहै भुत रहै से सपना देखलया, और सब कहकै डर भेलो ने हमरा नै डर भेल सपना झूठो आ साचो हैछै लेकिन तोसे गोठ मे रहैछि डर ने हैछौ । हमरा त बहुत आस्चर्ज लागल आयछ के छेले नै छेलै । बोकर तेसर दिन के राइत मे भात खाय सुते लागै वेर, सुखैर धामि अष्टपष्ट आदमी रूप में आयब के कछे, सपना देखाब देने छेलियौ हम वहा चियो । आब हम तोरा कैचियो, जयत के कछेरिया चिये हम स्वर्गवास भगेल चियै । हमर नाम सुखैर धामी चियै । हम तोहर आस में भेल चियो । हमरा राख, तोरा सबके कोनो हानी नोकसानी नै हेतो । घर परिवार मे बाल, बचा, पौष प्राणी सब निके रहतौ । दोसर दिन से गाय खोल के हायक दहै तोहर गाय हमही चरा देवौ, बुढा सरकार के कहब अनुसार, तो छोरदेबही त केकरो बायल खेतै, हमरा सबके कि कहतै । एक दिन गाय खेलके लजा देलहै धामी कहै छै । तोरा सब जो वोइठना से गाय चरा बैबला हम चियै । उसब अपना कि विचार करैछै अपना सब नै जो विचार करे परलै कि गाय घोरदैछौ, अपना सब छिपल रह वासतब में गाय चरा के गोठ लावौ छौ कि नै लावौ छौ । गाय चरा गोठ तक लाइब दइछेलै । जब अगहन महिना ष्लैत धान पाके लाइग गेलै, बाबा सुखैर धामी हम गाय गोठसे लाय जेवौ, बाबा तो गोठ रखबालि करिहे आव हम कि कहबौ, हम सब चैलवौ । बहुत दिनसे गाय चरा देलही । हमरा सब परिवार के सबके निके कुसले राखिये। आब सुखैर धामि क छै । सब निके कुसले रहविही धन्यवाद दैचियौ, हम असगरे रहबै, यते दिन तोरा सवलग हासै छेलियौ बाजै छेलियौ, आब हम केकरा लग कोनो वात करबै, हम जेबी करबौ चोरे संगे, मामत बहुत लागल आयछ, हम तोरा लजा कते राखबौ, बुढा सरकार कहलकै, कोइठिना हम तोरा कते रायख देवौ गौ बावा हमारा लजेका गाय के गोहाली मे बिचला खमहा लगा राखदि, हम वोईठिन रहवौ हेजौने, बुढा कहकै लेचल वहिठिना रायख देवौ, सगे-सगे लाबकै वहि ठिना रायख देलकै । १, २ साल के वाद सुखैर धामि किहैछै, गौ बाबा हम वाईला नै रहबौ, हमरा सब दिन खरा से वरहारैछौ । सब दिन खरे लगायत देहमे हम नै रहबौ, बुढा सरकार कहैछै, आब तो बते जेबही, लेजते जेवही तहिना ठिना रायख देवौ धामी कहैछै, देवता घर छौने, घर के देहरी मोख मे रायखैदे । रायख देला बाबजुद धामी रैहगेलै, घर त महिला वरहारैछे, धामी के सब दिन महिला गोजनट लागेछेलै, धामी कहैछै, येतो दिन खरा लागै छायल त सहेनै सकलयै, आब कहौ त महिलाके कोचा लागै सब दिन, महिला कोचा लगलाय बरका खराब चियै, बहुत दुःख वात चियै, बुढा सरकार के धामि कहैछै गौ वावा घर देहरी में हम नै रहबौ, हमरा कोचा लागये । आब हम तोरा कते राखवौ, हमरा किछोने फुराये, येतदिन कहे छेलहि खरा लागैये, आब कहैछि हमरा कोचा लागैये, हमतोरा कते राखबौ, गौबाबा गोर लायके कहैचियो, घर मे जते जैठिना पुजै चिही ते ठिना कोना बगल में रायख दे वोहिना रैहजेजौ, जोहे ठिना पूजा दिहे हेतौने, बुढा सरकार बहुत दयालु जे कोई जे करा सुख देने रहेछ तै दुवारे धामी घर मे रायख पूजा देवे लागले ते दिना से सुखैर धामी के पुरखा मानन गेलछै। बावजुद घर परिवार निके कुसले रहलेलै, जेकर घरमे सुखैर धामी नै छै उ भगताही वनसावली नै चियै, और कालि माई घर अगुवाँ चियै यि दुईटा देवता
मानियौ त कतौ ने जाय परत ।
कृपया भगताही वंशावली सखैर धामी केना घरमे पूजा लेलकै सब हम लिख देलियौ, और तरादत चौधरी अपन दियाद मे कहेन धामी छेलै २०६८ साल के किताब में परहव, अखन किताब छापल जेतै वोहो रहते। हम
सब भगताही वंशावली गोर लागै चि । धन्यवाद ।

भगताही बंशावली

राष्ट्रिय समिति, नेपाल

bhagtahi@gmail.com

९८०३९२५३५८

Follow Us

© भगताही बंशावली. All Rights Reserved. Designed by Webpay